व्यसन छोड़ सत्संग अपनाएं : राकेश महाराज

आलापुर। विकासखण्ड जहाँगीरगंज क्षेत्र के निकसपुर में आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन रविवार को कथावाचक राकेश महाराज ने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कलयुग में हरिकीर्तन ही जीवन के उद्धार का सबसे सरल माध्यम है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश देते हुए कहा कि व्यक्ति को हाथ से काम और मुख से श्रीराम का जाप करना चाहिए। साथ ही लोगों से प्रेरणा स्रोत बनने का आह्वान किया।

राकेश महाराज ने वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को अपनाते हुए सम्पूर्ण विश्व को अपना परिवार मानकर चलने की बात कही। उन्होंने युवाओं से व्यसन और फैशन छोड़कर सत्संग अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी व सुदामा की मनमोहक झांकियों का चित्रण किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा पंडाल में महिला, पुरुष और युवा भक्त भक्ति रस में डूबे नजर आए।

अंत में कथा में पहुंचे अतिथियों, दानदाताओं व कार्यकर्ताओं को व्यासपीठ की ओर से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।