सीनियर डीसीएम उचित सिंघल बोले — “अब चेरी भी बोलेगी… जम्मू से मुंबई तक, रेलवे है सबसे फास्ट!”

रेलवे की रफ्तार से देशभर में पहुंचेगी कश्मीर की मिठास, मुंबई के लिए रवाना होगी सीजन की पहली चेरी स्पेशल पार्सल वैन

जम्मू-कश्मीर की वादियों में उगी लाल-सुर्ख और रसीली चेरी अब भारतीय रेल की तेज रफ्तार के सहारे सीधे मुंबई के बाजारों तक पहुंचेगी। किसानों, बागवानों और फल व्यापारियों के लिए बड़ी खुशखबरी देते हुए भारतीय रेलवे ने इस सीजन की पहली चेरी स्पेशल पार्सल वैन को मुंबई रवाना करने की तैयारी पूरी कर ली है।रेलवे की यह पहल जम्मू-कश्मीर के बागवानी उत्पादों को देशभर के बाजारों तक तेजी, सुरक्षा और बेहतर गुणवत्ता के साथ पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। इससे घाटी के किसानों को न सिर्फ उनकी मेहनत का बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि देश के उपभोक्ताओं तक भी ताजा और उच्च गुणवत्ता वाली चेरी पहुंच सकेगी।जानकारी के अनुसार, इस विशेष पार्सल वैन में लगभग 12 टन प्रीमियम गुणवत्ता वाली चेरी, जिसमें करीब 966 बॉक्स शामिल हैं, लोड किए गए हैं। यह पार्सल वैन ट्रेन संख्या 19028 जम्मू तवी से बांद्रा टर्मिनस विवेक एक्सप्रेस के साथ जोड़ी जाएगी, जो 25 मई को सुबह 5:45 बजे जम्मू से मुंबई के लिए रवाना होगी।सबसे खास बात यह है कि यह खेप महज 33 घंटे में बांद्रा टर्मिनस पहुंच जाएगी। इतनी तेज डिलीवरी से चेरी की ताजगी और गुणवत्ता पूरी तरह बरकरार रहेगी। मुंबईवासियों को सीधे कश्मीर के बागानों से तोड़ी गई ताजा चेरी का स्वाद मिल सकेगा।इस उपलब्धि पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि भारतीय रेलवे जम्मू-कश्मीर के बागवानों को देशव्यापी बाजार उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि चेरी बेहद नाजुक फल है और इसे कम समय में बाजार तक पहुंचाना बड़ी चुनौती होती है, लेकिन रेलवे ने इसके लिए विशेष लॉजिस्टिक्स व्यवस्था तैयार की है।उन्होंने कहा कि इस सीजन में व्यापारियों की मांग को देखते हुए पर्याप्त पार्सल वैन और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। अब तक श्री माता वैष्णो देवी कटरा और जम्मू स्टेशन से चेरी परिवहन के लिए कुल 28 विशेष वीपी के इंडेंट प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा नियमित ट्रेनों के एसएलआर कोच के माध्यम से भी छोटे और मध्यम व्यापारी अपनी खेप सुरक्षित और किफायती तरीके से भेज सकेंगे।रेलवे अधिकारियों के अनुसार इससे पहले भी करीब 18 टन चेरी मुंबई भेजी जा चुकी है और इस नई व्यवस्था से आने वाले दिनों में परिवहन और अधिक तेज एवं व्यवस्थित होगा।भारतीय रेलवे की यह समयबद्ध और भरोसेमंद सेवा जम्मू-कश्मीर के किसानों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी मजबूती देगी। अब कश्मीर की चेरी की मिठास और खुशबू देशभर के बाजारों में नई पहचान बनाएगी।