उत्तर पश्चिम रेलवे के 419 स्टेशन इंटरनेट से जुड़े, छात्र-यात्रियों को मिल रहा नया सहारा

रेलवे स्टेशन बने डिजिटल पाठशाला, फ्री वाई-फाई से बदल रही तस्वीर

उत्तर पश्चिम रेलवे के 419 स्टेशन इंटरनेट से जुड़े, छात्र-यात्रियों को मिल रहा नया सहारा

जोधपुर। भारतीय रेलवे की डिजिटल इंडिया पहल के तहत अब रेलवे स्टेशन केवल ट्रेनों के इंतजार की जगह नहीं रह गए हैं, बल्कि वे डिजिटल शिक्षा और तकनीक के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपने लगभग 95 प्रतिशत स्टेशनों को मुफ्त वाई-फाई सुविधा से जोड़कर यात्रियों और विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है।उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलवायर ब्रांड के तहत उपलब्ध कराई जा रही इस सुविधा से विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों तथा दैनिक यात्रियों को काफी लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे के कुल 419 स्टेशन अब इंटरनेट सुविधा से लैस हो चुके हैं। इनमें जोधपुर मंडल के 120, बीकानेर मंडल के 124, जयपुर मंडल के 89 और अजमेर मंडल के 86 स्टेशन शामिल हैं।उन्होंने बताया कि स्टेशन पुनर्विकास कार्य पूर्ण होने के बाद रेलवे स्टेशनों के दूसरे प्रवेश द्वारों पर भी यह डिजिटल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।रेलवे स्टेशन पर यात्री अपने मोबाइल फोन में ?रेलवायर? नेटवर्क चुनकर ओटीपी के माध्यम से आसानी से इंटरनेट सेवा से जुड़ सकते हैं। कुछ ही क्षणों में मोबाइल स्क्रीन पर ज्ञान, जानकारी और विभिन्न डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हो जाती हैं।अब स्टेशनों पर अक्सर ऐसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं, जहां छात्र ऑनलाइन नोट्स डाउनलोड करते नजर आते हैं, तो कई युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते दिखाई देते हैं। वहीं दैनिक यात्री डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन टिकट बुकिंग और अपने व्यापारिक कार्य भी आसानी से निपटा रहे हैं।विशेष बात यह है कि जिन क्षेत्रों में अब तक इंटरनेट की पहुंच सीमित थी, वहां रेलवे स्टेशन डिजिटल अध्ययन केंद्र के रूप में नई पहचान बना रहे हैं। तकनीक की यह पहल गांव और शहर के बीच डिजिटल दूरी कम करने के साथ-साथ युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है।