विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उत्तर पश्चिम रेलवे ने बाबा साहेब को उनकी 135वीं जयंती पर श्रद्धापूर्वक किया याद

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में भारत रत्न, संविधान शिल्पी, समाज सुधारक एवं सामाजिक न्याय के प्रबल पक्षधर डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंडल स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहेब को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

डीआरएम कार्यालय प्रांगण में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलन के बाद बाबा साहेब की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, समानता और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बाबा साहेब के आदर्शों को अपनाकर समाज और राष्ट्र के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया। डीआरएम ने कहा कि उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समतामूलक, न्यायपूर्ण और समावेशी समाज की स्थापना के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। साथ ही बाबा साहेब के अदम्य साहस, प्रखर बुद्धिमत्ता और दूरदर्शी सोच से प्रेरणा लेकर भारतीय रेल की सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान डीआरएम, अधिकारियों व कर्मचारियों ने बाबा साहेब की जीवनी और उनके महान कार्यों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस मौके पर अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं रेलकर्मियों ने भी प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत मंडल कार्मिक अधिकारी अमृतलाल मीना के स्वागत भाषण से हुई, जबकि अंत में आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

बताया गया कि 14 अप्रैल को कार्यालय में अवकाश होने के कारण यह समारोह 15 अप्रैल को आयोजित किया गया।

निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन

जयंती समारोह के तहत मंडल के विभिन्न कार्यालयों में निबंध प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। डीआरएम कार्यालय, भगत की कोठी डीजल शेड एवं डेमो शेड मेड़ता रोड में आयोजित प्रतियोगिताओं में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

डीआरएम कार्यालय में आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रिया मौर्य ने प्रथम, प्रेम राम ने द्वितीय एवं निर्मल सीरवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से जोधपुर मंडल में बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।