वैष्णो देवी के भक्तों के लिए गुड न्यूज, स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा के द्वार खुले; आराम से हो रहे माता के दर्शन

वैष्णो देवी के भक्तों के लिए गुड न्यूज, स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा के द्वार खुले; आराम से हो रहे माता के दर्शन

कटड़ा और मां वैष्णो देवी धाम में अचानक मौसम बदलने से हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हुई। हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बनी रही। बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं। फरवरी में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के कारण प्राचीन गुफा के दर्शन भी खोले गए हैं, जिससे भक्तों को माता रानी के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।

कटड़ा-वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हुई

हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बनी रही

कम भीड़ के कारण प्राचीन गुफा के दर्शन खोले गए

कटड़ा। मंगलवार को कटड़ा और मां वैष्णो देवी धाम में अचानक मौसम बदल गया, जिससे दोपहर बाद हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हुई। हल्की से मध्यम बारिश और ठंडी हवाओं के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बनी रही और वे जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।

गनीमत रही कि बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं। फरवरी में श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के कारण प्राचीन गुफा के दर्शन भी खोल दिए गए हैं।

13 हजार श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन

जानकारी के अनुसार, बीते 2 फरवरी को 16, 800 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजरी लगाई थी। वहीं 3 फरवरी यानी सोमवार देर शाम 7:00 बजे तक करीब 13,000 श्रद्धालुओं ने आरएफआईडी कार्ड बनवाकर भवन की ओर प्रस्थान किया।

स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा के द्वार खुले

फरवरी महीने में श्रद्धालुओं की गिरावट को देखते हुए स्वर्ण जड़ित प्राचीन गुफा के द्वार दिन और रात में कुछ समय के लिए खोले जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को प्राचीन गुफा के रास्ते में मातारानी के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि के बाद प्राचीन गुफा के द्वार बंद कर दिए जाएंगे।

सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध

यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। सुरक्षाकर्मियों और श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की। मौसम की अनिश्चितता के बावजूद मां वैष्णों देवी के दरबार में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता रहा।