ताराकोट-सांझीछत रोपवे विवाद : उच्च स्तरीय समिति कल हितधारकों से करेगी संवाद

ताराकोट-सांझीछत रोपवे विवाद : उच्च स्तरीय समिति कल हितधारकों से करेगी संवाद

कटड़ा में दो फरवरी को प्रस्तावित दाैरा टला

कटड़ा। वर्ष 2025 में ताराकोट-सांझीछत रोपवे परियोजना पर विवाद को देखते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। इस समिति का उद्देश्य रोपवे परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं पर स्थानीय लोगों, हितधारकों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी चिंताओं को समझना और समाधान निकालना है।

कटड़ा के विधायक बलदेव राज शर्मा ने समिति से अपील की थी कि एक बार फिर कटड़ा पहुंचकर स्थानीय लोगों से प्रत्यक्ष बातचीत करे ताकि रोपवे परियोजना को लेकर फैली आशंकाओं और समस्याओं पर खुलकर चर्चा हो सके। समिति का कटड़ा दौरा सोमवार दो फरवरी को प्रस्तावित था लेकिन किसी कारणवश यह दौरा नहीं हो पाया। अब उच्च स्तरीय समिति चार फरवरी को कटड़ा पहुंचेगी। इस दौरान समिति के सदस्य स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, मजदूर वर्ग, घोड़ा-पालकी संचालकों सहित अन्य प्रभावित पक्षों से मुलाकात करेंगे और उनकी बातों को सुनेंगे। विधायक ने उम्मीद जताई है कि इस संवाद से रोपवे परियोजना को लेकर व्याप्त असमंजस दूर होगी और सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लिया जा सकेगा। स्थानीय लोगों में भी समिति के आगमन को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना गया, तो रोपवे परियोजना से जुड़े विवाद का सकारात्मक समाधान निकल सकता है। अब सबकी निगाहें चार फरवरी को होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं। इससे कटड़ा में चल रहे रोपवे विवाद को लेकर आगे की दिशा तय होने की संभावना है।