जल स्रोतों का संचालन और रखरखाव समुदाय की जिम्मेदारी


फतेहपुर।वाटरएड द्वारा जिला स्तरीय संचालन एवं रखरखाव पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले की स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों प्रधानों पानी समिति के सदस्यों समेत सरकारी अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए।कार्यशाला की शुरुआत वाटर एड के जिला समन्वयक आदित्य मिश्र ने प्रतिभागियों को फतेहपुर जनपद में पानी के स्रोतों के संचालन व रखरखाव पर एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया और वाटर एड द्वारा किए जा रहे जल संरक्षण और ओ एंड एम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।कार्यशाला में जिले में जल संरक्षण और ओ एंड एम पर कार्य कर रहे नमामि गंगे अभियान के जिला परियोजना अधिकारी ज्ञान तिवारी, वन विभाग से रेंजर विवेकानंद गुप्ता ने वन विभाग द्वारा जल संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को रेखांकित किया। राजेंद्र साहू ने जनपद के जल स्रोतों और वाटर सप्लाई स्कीम के संचालन और रखरखाव समेत जल संरक्षण और तालाबों को संरक्षित करने में सामुदायिक प्रतिबद्धता और पानी समिति के कार्य और दायित्वों और सामाजिक जागरूकता को बढ़ाने पर जोर दिया। नमामि गंगे और गंगा समग्र अभियान के ज्ञान तिवारी ने पेयजल की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए जल स्रोतों के संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी का आवाहन करते हुए उपस्थित प्रतिनिधियों से सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने की ओर गंभीरता से प्रयास करने की जरूरत पर जोर देते हुए अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में प्रधान, पानी समिति विभागीय अधिकारियों समेत वाटर एड के दयाली प्रसाद, पंकज, कृष्ण कुमार, मनीषा, राजकुमारी और एम आई एस विवेकानंद ने भी प्रतिभागियों से संवाद किया।