सशक्त और संस्कारवान नारियां ही वास्तविक समृद्धि की कारक -कप्तान सिंह

अम्बेडकरनगर।"शक्ति, समृद्धि,संस्कार और सहृदयता की प्रतीक नारियों के सशक्तिकरण में ही देश के उत्थान और समाज के चरमोत्कर्ष का बीज छिपा होता है।शक्तिहीन,बलहीन नारियों से राष्ट्र बलहीन होता है।अतः नारी सशक्तिकरण समाज और राष्ट्र के उत्थान का प्रधान नियामक कारक है।ये उद्गार प्रधानाचार्य डॉ.कप्तान सिंह ने व्यक्त किया।श्री सिंह रासेयो विशेष शिविर के तृतीय दिवस उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
ज्ञातव्य है कि गांधी स्मारक इंटर कॉलेज,राजेसुलतानपुर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाइयों के कुल 100 शिविरार्थियों के विशेष शिविर का आयोजन गांधी स्मारक संस्कृत इंटर कॉलेज, बछुआपार में संचालित हो रहा है।जिसका आज तीसरा दिन था।
दिलचस्प बात यह है कि जिसे के सुदूर पूर्वांचल में स्थित होने के बावजूद शिक्षा,अनुशासन और पाठ्येतर क्रियाकलापों में अग्रणी इस कॉलेज से पढ़कर अबतक अनेक आईएएस,आईपीएस,पीसीएस पीपीएस और शिक्षाशास्त्री सहित चिकित्सक समाज में अपनी अपनी सेवाएं अर्पित कर रहे हैं।
इस अवसर पर आयोजित बौद्धिकी कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि आचार्य बलराम तथा अवकाश प्राप्त शिक्षक विनोद सिंह उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन डॉ.उदयराज मिश्र तथा राजेश मिश्रण किया।