102 साल की उम्र में सफल हिप सर्जरी, श्री माता वैष्णो देवी नारायणा अस्पताल ने रचा नया चिकित्सा कीर्तिमान

कटरा। उम्र के उस पड़ाव पर जब छोटी-सी चोट भी जिंदगी को मुश्किल बना सकती है, धनोरी गांव, कटरा निवासी 102 वर्षीय महिला ने हिम्मत और बेहतर चिकित्सा सुविधा के दम पर नई मिसाल कायम की है। श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल, ककरियाल-कटरा में महिला की हिप फ्रैक्चर की सफल सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद उनकी हालत संतोषजनक है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही हैं।

यह सफल ऑपरेशन 14 अगस्त 2026 को वरिष्ठ सलाहकार एवं हड्डी रोग व जोड़ प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. विकास पाधा ने किया। इस सफलता के साथ अस्पताल में एक दुर्लभ चिकित्सा उपलब्धि भी दर्ज हुई है। डॉ. पाधा पिछले आठ वर्षों में 100 वर्ष से अधिक आयु के तीन मरीजों की सफल सर्जरी कर चुके हैं।

डॉ. पाधा ने इससे पहले मार्च 2018 में जम्मू के कुंजवानी निवासी 104 वर्षीय महिला और फरवरी 2020 में सतवारी, जम्मू के दराप निवासी 119 वर्षीय पुरुष का सफल ऑपरेशन किया था। नवीनतम मरीज के दस्तावेजों के अनुसार उनका जन्म 1 जनवरी 1924 को हुआ था।

मिनिमली इनवेसिव तकनीक से हुआ ऑपरेशन

102 वर्षीय महिला को हिप फ्रैक्चर हुआ था। इतनी अधिक उम्र को देखते हुए चिकित्सकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सर्जरी को सुरक्षित और कम समय में पूरा करना था। डॉ. विकास पाधा ने बताया कि मरीज की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कम चीरा लगाने वाली आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

सर्जरी दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुई और लगभग 15 मिनट में इम्प्लांट लगा दिया गया। ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति स्थिर रही और रक्तस्राव भी बेहद कम हुआ।

एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. स्वाति टिड्याल ने क्षेत्रीय एनेस्थीसिया दिया। सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू में रखने की आवश्यकता नहीं पड़ी और उन्हें सीधे कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया। फिजियोथेरेपी टीम की मदद से ऑपरेशन के कुछ ही समय बाद उन्हें चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। ऑपरेशन के 14वें दिन उनके टांके भी निकाल दिए गए और उनका स्वास्थ्य संतोषजनक रूप से बेहतर हो रहा है।

100 साल से अधिक उम्र के मरीजों के इलाज में बड़ी उपलब्धि

डॉ. विकास पाधा ने कहा कि तीन शतायु मरीजों का सफल उपचार अस्पताल की जटिल हड्डी और जोड़ संबंधी सर्जरी को सुरक्षित तरीके से करने की क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय ऑपरेशन थिएटर, एनेस्थीसिया, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी टीम के बेहतर तालमेल को दिया।

श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस के कार्यकारी निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि 100 वर्ष से अधिक उम्र के मरीज की सर्जरी के लिए बेहद सावधानीपूर्वक योजना, विशेषज्ञता और बेहतर टीमवर्क की आवश्यकता होती है। ऐसी उपलब्धियां अस्पताल में विकसित की जा रही आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को दर्शाती हैं।

जम्मू-कश्मीर में आधुनिक चिकित्सा का मजबूत केंद्र बन रहा अस्पताल

श्री माता वैष्णो देवी नारायणा सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, गंभीर मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल लगातार हड्डी रोग, ट्रॉमा और जोड़ प्रत्यारोपण उपचार को मजबूत कर रहा है।

102 वर्षीय महिला की सफल सर्जरी न केवल चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि उम्र चाहे कितनी भी अधिक हो, आधुनिक चिकित्सा, विशेषज्ञ चिकित्सकों और समर्पित टीम के प्रयास से मरीज को बेहतर जीवन और नई उम्मीद दी जा सकती है।