* शरद पूर्णिमा पर भूमा निकेतन घाट पर विशेष आरती का हुआ कार्यक्रम *

 

शरद पूर्णिमा पर भूमा निकेतन घाट अलौकिक रोशनी से नहाया, श्री आनंद पांडे जी द्वारा की गई भव्य गंगा आरती

हरिद्वार (विशेष संवाददाता):

शरद पूर्णिमा के पावन एवं मंगलकारी अवसर पर धर्मनगरी हरिद्वार के प्रसिद्ध भूमा निकेतन घाट पर दिव्य एवं भव्य गंगा आरती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। चंद्र किरणों की अमृतमयी रोशनी और मां गंगा की कल-कल बहती पवित्र धारा के बीच घाट का दृश्य अत्यंत अलौकिक और विहंगम प्रतीत हो रहा था।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में पूज्य श्री आनंद पांडे जी द्वारा मां गंगा की विशेष महाआरती उतारी गई। शंखध्वनि, डमरू की थाप और वेद मंत्रों के सस्वर उच्चारण के बीच जब पांडे जी ने जलती हुई विशाल आरती की मालाओं से मां गंगा का पूजन किया, तो पूरा घाट 'हर-हर गंगे' और 'जय मां गंगे' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

आरती के दौरान पांडे जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को शरद पूर्णिमा के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताते हुए कहा, "शरद पूर्णिमा की रात्रि को चंद्रमा अपनी समस्त १६ कलाओं से परिपूर्ण होकर पृथ्वी पर अमृत की वर्षा करता है। इस पावन अवसर पर मां गंगा की आरती और दर्शन से साधकों को मानसिक शांति, आरोग्यता और मां भगवती की विशेष कृपा प्राप्त होती है।"

इस अवसर पर भूमा निकेतन घाट को रंग-बिरंगे फूलों और दीपों की मालाओं से बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया था।  भूमा निकेतन आश्रम के मैनेजर श्री राजेंद्र प्रसाद जी और पूरन चन्द्रे उपाध्याय मौजूद रहे , भारी संख्या में यात्रियों ने आरती का आनंद लिया।