सियालदह मंडल में महिला कर्मचारियों के सशक्तिकरण के लिए ‘सखी’ कार्यक्रम, 80 महिला कर्मचारियों ने लिया हिस्सा

कोलकाता। सियालदह मंडल में महिला कर्मचारियों के पेशेवर और व्यक्तिगत कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष 'सखी'कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सियालदह स्थित मंथन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महिला कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सुदृढ़ता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन सियालदह की पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष निधि सक्सेना के नेतृत्व में कार्मिक एवं चिकित्सा विभाग के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान तीन प्रमुख विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। इनमें कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, महिला स्वास्थ्य जागरूकता और वित्तीय जागरूकता शामिल रहे। सत्रों का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को उनके अधिकारों, कार्यस्थल की सुरक्षा, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और वित्तीय योजना से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित सत्र में सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण के महत्व पर चर्चा की गई। साथ ही, कार्यस्थल पर उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए उपलब्ध तंत्र और प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

महिला स्वास्थ्य जागरूकता सत्र में निवारक स्वास्थ्य देखभाल, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया गया। वहीं, वित्तीय जागरूकता सत्र में बचत, निवेश, वित्तीय योजना और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए सोच-समझकर निर्णय लेने के महत्व को समझाया गया।

'सखी' कार्यक्रम में सियालदह मंडल के विभिन्न विभागों और कार्यक्षेत्रों से करीब 80 महिला कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संवादात्मक सत्रों के दौरान महिला कर्मचारियों ने वक्ताओं से सीधे बातचीत की, अपने सवाल पूछे और अपने अनुभव भी साझा किए।

सियालदह मंडल की यह पहल महिला सशक्तिकरण और कर्मचारी कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 'सखी' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से महिला कर्मचारियों को अधिक जागरूक, आत्मविश्वासी और सक्षम बनाने के साथ-साथ सुरक्षित, समावेशी और सहयोगपूर्ण कार्य वातावरण को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।