लालगढ़ स्टेशन पर ट्रेन हादसे की मॉक ड्रिल, 38 घायलों को बचाकर पहुंचाया अस्पताल

लालगढ़ स्टेशन पर ट्रेन हादसे की मॉक ड्रिल, 38 घायलों को बचाकर पहुंचाया अस्पताल

रेलवे, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की संयुक्त कार्रवाई, डीआरएम गौरव गोविल ने सफल घोषित किया अभ्यास

बीकानेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर मंडल ने बुधवार 28 अक्टूबर को लालगढ़ स्टेशन यार्ड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की। इसमें ट्रेन के 2 डिब्बे पटरी से उतरने और एक डिब्बे के दूसरे पर चढ़ने जैसी दुर्घटना की स्थिति तैयार की गई। अभ्यास के दौरान 38 घायलों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

मॉक ड्रिल के तहत सूरतगढ़-जयपुर ट्रेन संख्या 19720 के लालगढ़ स्टेशन यार्ड में प्रवेश करते समय सुबह 11:11 बजे 2 डिब्बे पटरी से उतरने की सूचना दी गई। ट्रेन मैनेजर ने तत्परता दिखाते हुए स्टेशन मास्टर को सूचित किया। इसके बाद नियंत्रण कक्ष के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई और दुर्घटना राहत ट्रेन तथा स्वचालित दुर्घटना राहत प्रणाली से युक्त विशेष ट्रेन को घटनास्थल पर भेजने के निर्देश दिए गए।

सूचना मिलने पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), रेलवे अस्पताल लालगढ़, राजकीय अस्पताल बीकानेर, अग्निशमन विभाग, पुलिस, सिविल डिफेंस और स्काउट-गाइड की टीमों को भी बुलाया गया।

आधुनिक उपकरणों से चलाया गया बचाव अभियान

घटनास्थल पर एक स्लीपर कोच दूसरे स्लीपर कोच के ऊपर चढ़ा हुआ दिखाया गया। राहत एवं बचाव दलों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। एनडीआरएफ की टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से बचाव अभियान चलाया। दुर्घटनास्थल की घेराबंदी कर अनावश्यक भीड़ को दूर किया गया और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से धैर्य बनाए रखने तथा बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की गई।

अभ्यास के दौरान कुल 38 घायलों को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया। जरूरत के अनुसार कुछ घायलों को निजी और सरकारी अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था की गई। राहत कार्य के लिए रेलवे, सरकारी और निजी अस्पतालों तथा 108 सेवा सहित कुल 7 एंबुलेंस पहुंचीं। चिकित्सा दल ने घायलों की सूची तैयार की और जांच की कि डिब्बों में कोई व्यक्ति फंसा हुआ न रह गया हो।

ड्रोन और लाइव प्रसारण से हुई निगरानी

पूरे अभ्यास की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने घटनास्थल से सीधा प्रसारण किया, जिसे मंडल कार्यालय और रेलवे मुख्यालय के आपदा प्रबंधन कक्ष में मौजूद अधिकारियों ने देखा। हेल्पलाइन काउंटर भी स्थापित किए गए और टेलीफोन नंबरों की कार्यशीलता जांची गई। जनसंपर्क विभाग ने मीडिया को जानकारी देने तथा घायलों के परिजनों से समन्वय की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया।

दोपहर 12:15 बजे मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल ने मॉक ड्रिल को सफल घोषित किया। उन्होंने कहा कि अभ्यास में सभी संसाधनों ने रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुरूप काम किया। उन्होंने एनडीआरएफ के सहायक अधिकारी प्रवीण कुमार, वैभव सुहानी, मुख्य रोलिंग स्टॉक अधिकारी जयपुर, सीएमओ सतबीर जाजड़ा और सभी संबंधित टीमों के सहयोग की सराहना की।

इस दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक राजेंद्र सिंह चौधरी, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अजय सिंह सेंगर सहित मंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। रेलवे के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन संसाधनों की कार्यशीलता जांचना और दुर्घटना की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।