मां वैष्णो देवी के दरबार में आस्था का सैलाब, 66.93 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मां वैष्णो देवी के दरबार में आस्था का सैलाब, 66.93 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

बारिश और मौसम की चुनौतियों के बीच भी भक्तों का उत्साह बरकरार, पिछले साल के मुकाबले 12.73 लाख अधिक श्रद्धालु पहुंचे कटड़ा

कटड़ा। माता वैष्णो देवी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम की चुनौतियों और बरसात के बावजूद वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में 66,93,519 श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के पवित्र दरबार में दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 12,73,083 अधिक है।

वर्ष 2025 के जनवरी से अगस्त तक 54,20,436 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई थी। वहीं इस वर्ष अगस्त तक यह आंकड़ा बढ़कर 66.93 लाख से अधिक पहुंच गया है। अगस्त माह में भी श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त 2025 में 5,33,756 श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि अगस्त 2026 में 6,25,550 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए।

हर महीने बढ़ता रहा आस्था का कारवां

वर्ष 2026 में जनवरी में 6,96,914, फरवरी में 4,45,178, मार्च में 9,36,046, अप्रैल में 9,14,341, मई में 10,92,776 और जून में 13,13,803 श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाया। जुलाई में 6,68,911 और अगस्त में 6,25,550 श्रद्धालु भवन पहुंचे।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या से कटड़ा में धार्मिक पर्यटन को भी मजबूती मिल रही है। श्रद्धालु माता के दर्शन के साथ भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के दर्शन कर रहे हैं और यात्रा पूरी करने के बाद कटड़ा बाजार से प्रसाद एवं अन्य सामान की खरीदारी भी कर रहे हैं।

बारिश के बीच भी नहीं थमा भक्तों का उत्साह

बरसात के मौसम में यात्रा के दौरान कुछ चुनौतियां जरूर सामने आ रही हैं। बारिश के कारण हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हो रही है, जबकि बैटरी कार मार्ग पर कंकड़-पत्थर या मलबा आने की स्थिति में सुरक्षा के मद्देनजर सेवा को अस्थायी रूप से रोका जाता है। स्थिति सामान्य होने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद सेवाएं दोबारा शुरू कर दी जाती हैं।

मंगलवार को भी बारिश और घने बादलों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। ठंडी हवाओं और त्रिकूट पर्वत पर छाई धुंध के बीच भी भक्त माता के भवन की ओर बढ़ते रहे।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान

यात्रा मार्गों पर सफाई कर्मचारियों और आपदा प्रबंधन दलों की तैनाती की गई है। पुलिस, सीआरपीएफ और श्राइन बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार यात्रा मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। श्रद्धालुओं को ठहरने, भोजन, घोड़ा-पिट्ठू, पालकी, रोपवे और बैटरी कार सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

वर्तमान में प्रतिदिन करीब 15 से 18 हजार श्रद्धालु कटड़ा पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का यह उत्साह दर्शाता है कि मौसम की चुनौतियां भी मां वैष्णो देवी के प्रति उनकी आस्था को डिगा नहीं पा रही हैं।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले महीनों में यात्रा में और तेजी आने की उम्मीद है। कृष्ण जन्माष्टमी सहित पर्वों के बाद भक्तों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कटड़ा में एक बार फिर रौनक बढ़ने की उम्मीद है।