मध्य रेल ने पांच माह में 18.03 लाख बिना टिकट यात्रियों पर की कार्रवाई, ₹140.81 करोड़ जुर्माना वसूला

मुंबई। मध्य रेल ने बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा के खिलाफ पूरे रेल नेटवर्क में सघन टिकट जांच अभियान चलाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में बड़ी कार्रवाई की है। अप्रैल से अगस्त 2026 तक मध्य रेल की टिकट जांच टीमों ने 18.03 लाख यात्रियों को बिना टिकट, अनुचित अथवा अमान्य यात्रा प्राधिकार के साथ यात्रा करते पकड़ा। इन मामलों में यात्रियों से कुल ₹140.81 करोड़ का जुर्माना वसूल किया गया।

मध्य रेल के अनुसार, इस अवधि में प्रतिदिन औसतन करीब 11 हजार यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया और ₹92.03 लाख की वसूली की गई। पिछले वर्ष की समान अवधि में 17.19 लाख मामले सामने आए थे और ₹100.50 करोड़ का जुर्माना वसूला गया था। इस तरह इस वर्ष मामलों की संख्या में करीब 5 प्रतिशत, जबकि जुर्माना वसूली में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

मुंबई मंडल सबसे आगे

अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान मंडलवार कार्रवाई में मुंबई मंडल में 8.80 लाख मामलों से ₹58.46 करोड़, भुसावल मंडल में 3.42 लाख मामलों से ₹35.52 करोड़, पुणे मंडल में 1.86 लाख मामलों से ₹16.29 करोड़, नागपुर मंडल में 2.11 लाख मामलों से ₹15.83 करोड़ तथा सोलापुर मंडल में 95 हजार मामलों से ₹6.13 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। मुख्यालय स्तर पर भी 88 हजार मामलों से ₹8.57 करोड़ की वसूली हुई।

अगस्त में भी जारी रहा सघन टिकट जांच अभियान

अगस्त 2026 में भी मध्य रेल की टिकट जांच टीमों ने अभियान जारी रखते हुए 2.57 लाख यात्रियों को बिना टिकट या वैध टिकट के यात्रा करते पकड़ा। हालांकि अगस्त 2025 में यह संख्या 2.76 लाख थी। वहीं अगस्त 2026 में ₹19.50 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जबकि अगस्त 2025 में ₹13.78 करोड़ की वसूली हुई थी। इस प्रकार जुर्माना वसूली में 41 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

मध्य रेल द्वारा स्टेशन जांच, विशेष जांच, गहन जांच और मेगा टिकट जांच अभियान सहित विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। ये अभियान मेल, एक्सप्रेस, यात्री और विशेष ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई एवं पुणे मंडलों की उपनगरीय ट्रेनों में भी चलाए जा रहे हैं।

रेलवे के अनुसार बिना टिकट यात्रा रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय है। बिना टिकट यात्रा के लिए न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किए जाने के बाद टिकट जांच अभियान को और तेज किया गया है। रेलवे का कहना है कि टिकट से प्राप्त राजस्व का उपयोग यात्री सुविधाओं, सुरक्षा और रेल बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में किया जाता है।

मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान हमेशा उचित और वैध टिकट लेकर ही सफर करें, ताकि जुर्माने और असुविधा से बचा जा सके। मध्य रेल ने यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और गरिमापूर्ण यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टिकट जांच अभियान लगातार जारी रखने की बात कही है।