बाढ़ प्रभावित आलापुर में नौजवान भारत सभा ने लगाया निःशुल्क मेडिकल कैंप, 150 ग्रामीणों का हुआ उपचार

आलापुर (अंबेडकर नगर)।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए नौजवान भारत सभा, अंबेडकर नगर की ओर से दर्शन नगर बंधे पर निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में करीब 150 ग्रामीणों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाइयां निःशुल्क वितरित की गईं। इस दौरान ग्रामीणों को बाढ़ के बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए गए।

नौजवान भारत सभा के मित्रसेन ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों से पानी निकल चुका है, लेकिन जलस्तर घटने के बाद जगह-जगह जमा गंदा पानी, कीचड़ और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सड़े-गले खर-पतवार तथा गड्ढों में जमा दूषित पानी बीमारियों के फैलने का कारण बन सकता है।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों में डायरिया, चर्म रोग, खांसी-बुखार, डेंगू समेत कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं और साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं हो पाती है।

मेडिकल कैंप में ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे डॉक्टर आर.के. यादव ने बताया कि दूषित पेयजल के सेवन से डायरिया, हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए (पीलिया) जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। वहीं, जगह-जगह पानी जमा रहने से मच्छरों का लार्वा पनपता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ जाता है। दूषित कीचड़ और पानी के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी संक्रमण, फंगल इंफेक्शन, डर्मेटाइटिस तथा घावों में संक्रमण की समस्या भी हो सकती है।

डॉ. यादव ने ग्रामीणों को सलाह दी कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में घरों और आसपास के स्थानों की नियमित साफ-सफाई करें तथा आवश्यकतानुसार कीटनाशक और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाए। जलभराव वाले स्थानों पर नंगे पैर जाने से बचें और शरीर को ढककर रखें। उन्होंने अपील की कि बुखार, दस्त या अन्य बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेकर उपचार कराया जाए तथा पीने के पानी की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए।

नौजवान भारत सभा ने प्रशासन से मांग की कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, साफ-सफाई और मच्छर नियंत्रण की व्यापक व्यवस्था की जाए तथा ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि बाढ़ के बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।

मेडिकल कैंप के दौरान सुरेश, रामधनी, रिंकू विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।