बजरंग दल के जिला आयोजन निलेश उठमालिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुड़ीला थाना पहुंचकर दर्ज कराया मामला

खरगापुर। कुड़ीला थाना क्षेत्र के चिनगुवा रेलवे पुल पर 23 और 24 अगस्त की दरमियानी रात अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस की चपेट में आने से 25 से 30 गोवंशों की दर्दनाक मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना के कई दिनों बाद स्थानीय पत्रकारों और गोसेवकों द्वारा लगातार आवाज उठाए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 से 10 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामले को लेकर बजरंग दल के जिला आयोजन निलेश उठमालिया ने सभी बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कुड़ीला थाना पहुंचकर पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

गोवंशों को ट्रैक की ओर खदेड़ने का आरोप

ग्रामीणों और गोसेवकों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि कोटरा गांव के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से गोवंशों को रेलवे ट्रैक की ओर खदेड़ा गया था। हालांकि, इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस की गश्त व्यवस्था पर भी सवाल

एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में गोवंशों की मौजूदगी और उसके बाद इतनी बड़ी संख्या में उनकी मौत ने पुलिस की गश्त व्यवस्था और स्थानीय सूचना तंत्र पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सूचना मिल जाती तो शायद इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।

पत्रकारों की रिपोर्टिंग और गोसेवकों के विरोध के बाद कार्रवाई

घटना के बाद स्थानीय पत्रकारों ने लगातार मामले को प्रमुखता से उठाया और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं बजरंग दल कार्यकर्ताओं एवं गोसेवकों ने भी पुलिस प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है।

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि गोवंश रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे और क्या उन्हें जानबूझकर ट्रैक की ओर खदेड़ा गया था? यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।

फिलहाल कुड़ीला पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। गोसेवकों और ग्रामीणों का कहना है कि जांच निष्पक्ष हो और दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाए।