फिरोजपुर मंडल में पहली बार रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन उपचार की सफल शुरुआत, घुटनों के दर्द से जूझ रहे मरीजों को मिलेगी राहत

फिरोजपुर। रेल कर्मचारियों और उनके परिजनों को बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में फिरोजपुर मंडल ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंडल रेलवे चिकित्सालय फिरोजपुर में पहली बार घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस से होने वाले दर्द के उपचार के लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन सुविधा की शुरुआत की गई है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रंजना सहगल के नेतृत्व में मंडल चिकित्सालय में यह आधुनिक उपचार सुविधा शुरू की गई। रेलवे अस्पताल में इस सुविधा के शुरू होने से घुटनों के दर्द से परेशान मरीजों को उपचार के लिए अन्य स्थानों पर जाने की जरूरत कम होगी।

अर्थोसर्जन डॉ. अमित शेरसिया ने बताया कि रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी हो सकता है, जिनके घुटने कम उम्र, विशेषकर 40-50 वर्ष की आयु में ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण प्रभावित हो जाते हैं। इसके अलावा ऐसे मरीज जो घुटना प्रत्यारोपण नहीं कराना चाहते या किसी चिकित्सकीय कारण से तत्काल सर्जरी कराने की स्थिति में नहीं हैं, उनके लिए भी यह दर्द प्रबंधन का एक विकल्प है।

इस प्रक्रिया में नियंत्रित रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा की मदद से दर्द पहुंचाने वाली नसों की गतिविधि को कम किया जाता है, जिससे मरीज को दर्द में राहत मिलने और चलने-फिरने की क्षमता में सुधार होने में मदद मिल सकती है।

इस उपचार की खास बात यह है कि इसमें सामान्य एनेस्थीसिया और बड़ा चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं होती। यह अपेक्षाकृत कम समय में पूरी होने वाली प्रक्रिया है और मरीज को सामान्यतः उसी दिन अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है। इससे मरीज के लिए उपचार के बाद सामान्य गतिविधियों में लौटना भी आसान हो जाता है।

आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की ओर बढ़ता फिरोजपुर मंडल

फिरोजपुर मंडल द्वारा रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजनों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार नए चिकित्सा संसाधनों और तकनीकों को अपनाया जा रहा है। रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे रेलवे परिवार के मरीजों को आधुनिक दर्द प्रबंधन की सुविधा अपने ही मंडल चिकित्सालय में मिल सकेगी।