पुणे यार्ड में 52 किलो का डायमंड लेआउट अब 60 किलो में बदला, ट्रैक सुरक्षा और मजबूती बढ़ी

पुणे। मध्य रेल ने ट्रैक अवसंरचना को मजबूत करने और सुरक्षित ट्रेन परिचालन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 13 सितंबर 2026 को पुणे यार्ड में 52 किग्रा के डायमंड लेआउट डायमंड सिंगल स्लिप संख्या 226/228 को सफलतापूर्वक 60 किग्रा में परिवर्तित कर दिया गया। पुणे यार्ड में इस तरह के 52 किग्रा डायमंड लेआउट को 60 किग्रा में बदलने का यह पांचवां कार्य है।

इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए 8 घंटे 30 मिनट का मेगा ब्लॉक लिया गया था। कार्य के लिए सुबह 8:15 बजे से शाम 5 बजे तक 8 घंटे 45 मिनट का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन रेलवे टीम ने कार्य को निर्धारित समय से 15 मिनट पहले शाम 4:45 बजे ही पूरा कर लिया।

200 से अधिक कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा

कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया। इसमें 150 पी-वे कर्मचारी, 50 एसएंडटी कर्मचारी, चार पी-वे एवं चार एसएंडटी पर्यवेक्षक, एक ग्लूड जॉइंट टीम और चार लोहार शामिल रहे। इंजीनियरिंग और एसएंडटी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के चलते सभी निर्धारित कार्य समय से पहले पूरे किए गए।

कई महत्वपूर्ण उपकरण और रेल बदली गईं

मेगा ब्लॉक के दौरान ट्रैक उन्नयन के तहत फिटिंग्स सहित चार स्टॉक रेल और चार टंग रेल, दो एक्यूट क्रॉसिंग, दो ऑब्ट्यूज क्रॉसिंग, 12 एप्रोच रेल और दो लीड रेल बदली गईं। इसके अलावा छह इन-सिटू ग्लूड जॉइंट तैयार किए गए और चार प्रीफैब्रिकेटेड ग्लूड जॉइंट लगाए गए।

साथ ही रॉडिंग सहित दो स्विच मोटरों को भी बदला गया। इन कार्यों के पूरा होने से पुणे यार्ड का ट्रैक ढांचा पहले की तुलना में और मजबूत होगा।

मध्य रेल के अनुसार 52 किग्रा डायमंड लेआउट को 60 किग्रा में बदलने से ट्रैक की मजबूती, सुरक्षा और ट्रेन परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ेगी। रेलवे की ओर से सुरक्षित और सुचारु ट्रेन परिचालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक एवं अन्य रेल अवसंरचनाओं के निरंतर उन्नयन और आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है।

मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील नीला ने बताया कि इंजीनियरिंग और एसएंडटी विभागों के समन्वित प्रयासों से यह महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा किया गया।