पटरियों पर जायकेदार सफर, उत्तर मध्य रेलवे ने बदली खान-पान सेवाओं की तस्वीर

पटरियों पर जायकेदार सफर, उत्तर मध्य रेलवे ने बदली खान-पान सेवाओं की तस्वीर

99 ब्रांडों और 72 व्यंजनों के विकल्प से यात्रियों को मिली पसंद की आजादी, खान-पान की शिकायतों में 36 प्रतिशत की कमी

प्रयागराज। ट्रेन की खिड़की से बाहर बदलते नजारे और सफर के साथ स्वादिष्ट भोजन का आनंद अब यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बना रहा है। उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों को बेहतर, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खान-पान उपलब्ध कराने के लिए अपनी खान-पान सेवाओं में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इसका असर यात्रियों की संतुष्टि पर भी दिखाई देने लगा है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच ?रेल मदद? पोर्टल पर खान-पान से संबंधित शिकायतों में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 36 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए 99 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के पैक्ड एवं तैयार खाद्य-पेय पदार्थों को सूची में शामिल किया है। इसके साथ ही पैकेज्ड पेयजल के 11 ब्रांड भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यात्रियों को अपनी पसंद के अनुसार भोजन चुनने की सुविधा देने के लिए 72 व्यंजनों का ए-ला-कार्टे मेनू भी निर्धारित किया गया है। इन व्यंजनों के लिए दरें भी पारदर्शी रूप से तय की गई हैं।

यात्रा के दौरान स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, झांसी, ग्वालियर और आगरा कैंट समेत उत्तर मध्य रेलवे के 21 प्रमुख स्टेशनों पर ?रेल नीर? की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। इसके अलावा यात्रियों को किफायती दरों पर शुद्ध आरओ पानी उपलब्ध कराने के लिए इन 21 स्टेशनों पर 137 वाटर वेंडिंग मशीनें लगातार संचालित की जा रही हैं।

खान-पान की गुणवत्ता और स्वच्छता पर निगरानी के लिए रेलवे अधिकारियों ने वर्ष 2025-26 के दौरान बेस किचन, ट्रेनों और खान-पान स्टालों का 1,309 बार गहन निरीक्षण किया। भोजन की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच के लिए 1,826 खाद्य नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे गए। निरीक्षण के दौरान जहां भी लापरवाही सामने आई, वहां संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई।

रेलवे बोर्ड के निर्देश पर जुलाई 2026 में सात दिनों का विशेष अभियान भी चलाया गया। इस दौरान 16 प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, स्वाद, भोजन परोसने के तरीके और खान-पान कर्मचारियों के व्यवहार का जमीनी स्तर पर जायजा लिया गया।

इसके बाद अगस्त 2026 में 15 दिनों तक चले विशेष अभियान में उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय और मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं बेस किचन और खान-पान स्टालों का निरीक्षण किया। इस दौरान साफ-सफाई, कर्मचारियों के लिए दस्ताने और मास्क की अनिवार्यता तथा भोजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की ताजगी और गुणवत्ता की जांच की गई।

रेलवे का कहना है कि खान-पान सेवाओं में लगातार निगरानी, गुणवत्तापूर्ण विकल्पों की उपलब्धता और यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का सकारात्मक असर सामने आ रहा है। खान-पान संबंधी शिकायतों में आई 36 प्रतिशत की कमी को यात्रियों के भरोसे में बढ़ोतरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।चाहें तो इसे मैं और ज्यादा आकर्षक डिजिटल हेडलाइन और 2 लाइन की ब्रेकिंग शैली में भी तैयार कर सकता हूं।