नवरात्र में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का बड़ा तोहफा, मुफ्त मिलेगी बैटरी कार और घोड़ा-पालकी सेवा

कटड़ा। मां वैष्णो देवी के दरबार में नवरात्र के पावन अवसर पर दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सुविधाओं का विशेष विस्तार किया है। श्रद्धालुओं की आस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नवरात्र के दौरान बैटरी कार, घोड़ा-पालकी, प्राथमिकता के आधार पर दर्शन और निशुल्क भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। श्राइन बोर्ड की यह पहल दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए मां के दरबार की यात्रा को और अधिक सुगम और सुविधाजनक बना रही है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड पिछले करीब आठ वर्षों से दिव्यांग श्रद्धालुओं को निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराता आ रहा है। सामान्य दिनों में भी दिव्यांग श्रद्धालुओं को अर्धकुंवारी से भवन तक निःशुल्क बैटरी कार की सुविधा मिलती है। वहीं शारदीय नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इन सेवाओं का दायरा और बढ़ा दिया जाता है।

नवरात्र के दौरान दिव्यांग श्रद्धालुओं को दर्शनी ड्योढ़ी से घोड़ा-पालकी और बैटरी कार की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर श्राइन बोर्ड की विशेष टीमें तैनात रहती हैं, जो दर्शनी ड्योढ़ी, बाणगंगा, अर्धकुंवारी और भवन में दिव्यांग श्रद्धालुओं की सहायता करती हैं।

लंबी कतार से राहत, प्राथमिकता के आधार पर दर्शन

मां के भवन पहुंचने के बाद भी दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दर्शन करवाए जाते हैं, जिससे उन्हें लंबे समय तक कतार में खड़े रहने की परेशानी नहीं होती। इसके साथ ही श्राइन बोर्ड की ओर से दिव्यांग श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है।

श्राइन बोर्ड की इन व्यवस्थाओं से दिव्यांग श्रद्धालुओं के साथ आने वाले उनके परिजनों को भी काफी राहत मिलती है। सुविधाओं के कारण श्रद्धालु बिना किसी बड़ी परेशानी के मां के दरबार तक पहुंचकर दिव्य दर्शन कर पा रहे हैं।

पहचान पत्र दिखाकर मिलेंगी सुविधाएं

निःशुल्क सुविधाओं का लाभ लेने के लिए दिव्यांग श्रद्धालु को अपना वैध दिव्यांग पहचान पत्र दिखाना होगा। यात्रा शुरू करने से पहले कटड़ा स्थित श्राइन बोर्ड के निहारिका परिसर कार्यालय में पहचान पत्र दिखाकर संबंधित सुविधाओं की जानकारी और सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके बाद यात्रा मार्ग पर तैनात श्राइन बोर्ड की टीमें श्रद्धालु की आवश्यकता के अनुसार सहयोग करती हैं।

नवरात्र में बढ़ जाती है दिव्यांग श्रद्धालुओं की संख्या

आम दिनों में प्रतिदिन करीब 40 से 50 दिव्यांग श्रद्धालु इन विशेष सुविधाओं का लाभ लेते हैं। नवरात्र के दौरान मां के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ दिव्यांग श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़कर करीब 80 से 100 प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। ऐसे में श्राइन बोर्ड की ओर से उनकी सुविधा के लिए विशेष तैयारियां की जाती हैं।

दिव्यांग श्रद्धालुओं का कहना है कि बैटरी कार, घोड़ा-पालकी, प्राथमिकता के आधार पर दर्शन और निःशुल्क भोजन जैसी सुविधाएं उनके लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं हैं। इन व्यवस्थाओं से उन्हें मां वैष्णो देवी की यात्रा आसानी से पूरी करने में मदद मिलती है और उनके मन में श्रद्धा के साथ सुरक्षा एवं सुविधा का विश्वास भी मजबूत होता है।

मां के दरबार में हर श्रद्धालु के लिए सुगम यात्रा का संकल्प

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की यह पहल ?सबके लिए सुगम और सुरक्षित यात्रा? की भावना को मजबूत करती है। नवरात्र के पावन दिनों में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क सुविधाओं का विस्तार मां के दरबार में सेवा, श्रद्धा और मानवता का सुंदर उदाहरण पेश कर रहा है। इससे दिव्यांग श्रद्धालु भी पूरे उत्साह और विश्वास के साथ माता के दरबार में पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।