दिव्यांग बच्चों की मुख्यधारा में वापसी की पहल: बीआरसी कनासी नदीगांव में शिक्षकों को मिला ब्रेल लिपि व 21 दिव्यांगताओं का प्रशिक्षण

नदीगांव/कोंच (जालौन)। समग्र शिक्षा (समेकित शिक्षा) योजना के तहत ब्लॉक संसाधन केंद्र (BRC) कनासी नदीगांव में आयोजित सहायक अध्यापकों का पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अंतिम दिन खण्ड शिक्षा अधिकारी नदीगांव ने प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी शिक्षकों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस 5 दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके पठन-पाठन को सुगम व समावेशी बनाना है।

�ब्रेल लिपि और टीएलएम पर रहा विशेष जोर �

प्रशिक्षण के दौरान संदर्भदाता व स्पेशल एजुकेटर नीरज पांचाल �ने शिक्षकों को 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की पहचान करने की बारीकियां बताईं। उन्होंने दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा के लिए ब्रेल लिपि के इस्तेमाल, आधुनिक टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) के प्रयोग तथा बच्चों के मनोवैज्ञानिक आकलन के तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

डिजिटल तकनीक से दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

विशेषज्ञों ने स्मार्ट टीवी, ऑडियो-विजुअल माध्यमों और प्रदर्शित चार्ट्स के जरिए शिक्षकों को व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि समावेशी शिक्षा का ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा अपनी शारीरिक या मानसिक स्थिति के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और सामान्य बच्चों के साथ सहज वातावरण में सीख सके। शिविर में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों से आए सहायक अध्यापकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अंत में सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों को अपने-अपने विद्यालयों में लागू करने और दिव्यांग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।�