दिव्यांग बच्चों की समावेशी शिक्षा हेतु शिक्षकों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

कोंच (उत्तर प्रदेश)

समग्र शिक्षा (समेकित शिक्षा) योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों के सहायक अध्यापकों के लिए दिव्यांग बच्चों की समावेशी शिक्षा हेतु पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विशेष आवश्यकता वाले (दिव्यांग) बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके पठन-पाठन को अधिक सुगम और प्रभावी बनाना है।

कार्यक्रम के दौरान संदर्भदाता और स्पेशल एजुकेटर नीरज पांचाल (विकास खंड नदीगांव) तथा ब्रह्मानंद राजपूत (विकास खंड जालौन) द्वारा उपस्थित शिक्षकों को गहन प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने दिव्यांगता के विभिन्न प्रकारों की पहचान करने, बच्चों की मनोवैज्ञानिक स्थिति को समझने और उनके अनुकूल शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की तकनीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रशिक्षण का आयोजन संसाधन केंद्र, नदीगांव (स्थान- कोंच) में किया गया, जहां शिक्षकों को आधुनिक टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।

सत्र के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने डिजिटल तकनीक का उपयोग करते हुए स्मार्ट टीवी और प्रदर्शित चार्ट्स के माध्यम से व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि समावेशी शिक्षा का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा अपनी शारीरिक या मानसिक स्थिति के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और सामान्य बच्चों के साथ बैठकर आत्मीय वातावरण में सीख सके।

इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में क्षेत्र के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों से आए सहायक अध्यापकों और अध्यापिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार व समस्याएं साझा कीं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को अपने-अपने विद्यालयों में लागू करने और दिव्यांग बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लिया।