दल्लीराझरा–रावघाट रेल परियोजना से दक्षिण छत्तीसगढ़ में विकास को मिलेगी रफ्तार

दल्लीराझरा?रावघाट रेल परियोजना से दक्षिण छत्तीसगढ़ में विकास को मिलेगी रफ्तार

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को कनेक्टिविटी मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया

बिलासपुर। दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में दल्लीराझरा?रावघाट नई रेल लाइन परियोजना ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी?रावघाट रेलखंड का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराझरा?रावघाट रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने सामाजिक माध्यम खातों पर परियोजना से संबंधित वीडियो साझा करते हुए कहा कि 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराझरा?रावघाट नई रेल लाइन छत्तीसगढ़ में संपर्क व्यवस्था को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि रेल संपर्क के विस्तार से क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी।

दल्लीराझरा?रावघाट रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को आवागमन के बेहतर विकल्प मिलेंगे तथा रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों से क्षेत्र का संपर्क और मजबूत होगा। बेहतर रेल संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक लोगों की पहुंच सुगम होने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस उपलब्धि को दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि ताड़ोकी?रावघाट खंड का निर्माण पूरा होने से बस्तर सहित पूरे दक्षिण छत्तीसगढ़ में विकास के नए अवसर खुलेंगे। रेल संपर्क बेहतर होने से आवागमन सुगम होगा और रायपुर तथा भिलाई से क्षेत्र का जुड़ाव मजबूत होगा।

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने भी दल्लीराझरा?रावघाट रेल लाइन को छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में नई कनेक्टिविटी की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लोगों के लिए आवागमन के साथ शिक्षा, रोजगार, व्यापार और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होगी।

दल्लीराझरा से ताड़ोकी के बीच पहले से यात्री रेल सेवा उपलब्ध है। अब ताड़ोकी?रावघाट के 17.5 किलोमीटर लंबे अंतिम रेलखंड के पूरा होने से दल्लीराझरा से रावघाट तक रेल संपर्क विस्तारित हो गया है। इस रेल लाइन से कृषि उपज और स्थानीय व्यापारिक वस्तुओं के परिवहन को भी सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

यह रेल मार्ग भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए लौह अयस्क परिवहन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। रेल संपर्क उपलब्ध होने से लौह अयस्क के परिवहन को बेहतर सुविधा मिलेगी और इस्पात उद्योग को आवश्यक परिवहन एवं रसद सहयोग प्राप्त होगा।

बेहतर रेल कनेक्टिविटी से क्षेत्र में पर्यटन, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों के विकास की संभावनाओं को भी बल मिलेगा। इससे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिलने के साथ ही क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से और मजबूती से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

दल्लीराझरा?रावघाट रेल परियोजना की यह उपलब्धि दूरस्थ क्षेत्रों में रेल अधोसंरचना के विस्तार और लोगों को बेहतर संपर्क एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भारतीय रेल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। क्षेत्र के सांसदों ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ में बेहतर रेल संपर्क और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।