चार हत्याओं का आरोपी नाम और वेश बदलकर काट रहा था फरारी, जीआरपी ने चाकू समेत दबोचा

कासगंज। एटा और मैनपुरी में चार लोगों की हत्या समेत कई संगीन अपराधों में आरोपी शातिर हिस्ट्रीशीटर को जीआरपी कासगंज ने रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से नाम और वेश बदलकर लापता चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, उसने पहचान छिपाने के लिए दाढ़ी बढ़ा ली थी और बबलू से अपना नाम बदलकर राजवीर और फिर धर्मा उर्फ धर्मपाल सिंह रख लिया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध चाकू बरामद हुआ है।

जीआरपी पुलिस ने 10 अक्टूबर की रात करीब 9:05 बजे कासगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के पास सर्कुलेटिंग एरिया से आरोपी को पकड़ा। उसकी पहचान बबलू उर्फ राजवीर उर्फ धर्मा, निवासी गांव कलुआ टीलपुर, थाना नयागांव, जिला एटा, उम्र करीब 50 वर्ष के रूप में हुई। चाकू बरामद होने के बाद जीआरपी कासगंज थाने में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पर फरवरी 1996 में एटा जिले के नयागांव क्षेत्र में दो लोगों की हत्या करने का आरोप है। इसके बाद जनवरी 2004 में मैनपुरी जिले के बिछवां थाना क्षेत्र में हरेन्द्र सिंह उर्फ कारे की हत्या का मामला दर्ज हुआ। सितंबर 2018 में भी बिछवां क्षेत्र के गांव बुर्रा चक सहारा में सुनीता देवी की हत्या के मामले में उसका नाम सामने आया। इन मामलों के अलावा उसके खिलाफ मारपीट, धमकी, आगजनी और अवैध हथियार रखने सहित कई अन्य आपराधिक मुकदमे भी दर्ज हैं।

जीआरपी के मुताबिक, आरोपी की आपराधिक गतिविधियों के कारण एटा के नयागांव थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 85-ए खोली गई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद वह काफी समय से लापता चल रहा था। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने नाम और हुलिया बदल लिया था तथा पैतृक संपत्ति बेचकर गायब हो गया था। पुलिस अब उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में जीआरपी थानाध्यक्ष कोमल कुन्तल, उपनिरीक्षक सत्यपाल सिंह और हेड कांस्टेबल सतीश कुमार शामिल रहे।