खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में अब मिलेगा माल लदान का मौका, 20 प्रतिशत तक सस्ता होगा भाड़ा

बिलासपुर। भारतीय रेलवे ने माल परिवहन को और अधिक किफायती बनाने तथा मालगाड़ियों की खाली लौटने वाली क्षमता का बेहतर उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत परंपरागत खाली प्रवाह दिशा योजना के माध्यम से उन मार्गों पर माल लदान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां माल उतारने के बाद मालगाड़ियां सामान्यतः खाली लौटती हैं।

इस पहल से माल ग्राहकों को निर्धारित पात्रता के अनुसार सामान्य माल भाड़े में 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट का लाभ मिल सकेगा। इससे उद्योगों और व्यापारियों की परिवहन लागत कम होगी तथा उन्हें अपने उत्पाद नए बाजारों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

1 अगस्त 2026 से लागू संशोधित प्रावधान

परंपरागत खाली प्रवाह दिशा में माल लदान के लिए लागू सरलीकृत स्वचालित माल भाड़ा छूट योजना के संशोधित प्रावधान 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक प्रभावी रहेंगे। अधिसूचित खाली प्रवाह दिशाओं में पात्र माल के लदान पर निर्धारित शर्तों के अनुसार 15 से 20 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।

बिना अलग आवेदन के मिलेगा छूट का लाभ

योजना की सबसे खास बात यह है कि पात्रता एवं निर्धारित शर्तें पूरी करने वाली माल खेप पर छूट रेलवे की व्यवस्था के माध्यम से स्वतः लागू होगी। ग्राहक को प्रत्येक पात्र खेप के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

हालांकि, छूट केवल रेलवे द्वारा अधिसूचित खाली प्रवाह दिशाओं और निर्धारित पात्र माल पर ही लागू होगी। संबंधित दिशा, माल की पात्रता और छूट की दर रेलवे के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार होगी।

उद्योग और व्यापार को मिलेगा सीधा फायदा

इस योजना से उद्योगों, व्यापारियों और अन्य माल ग्राहकों को कम लागत में अपने उत्पाद दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। माल भाड़ा कम होने से उत्पादों की कुल परिवहन लागत घटेगी, जिससे कारोबारियों को प्रतिस्पर्धी बाजार में बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

रेल परिवहन के माध्यम से नए क्षेत्रों में उत्पादों की पहुंच बढ़ने से नए बाजार विकसित होने और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की भी संभावना है। इसका सकारात्मक असर उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है, क्योंकि परिवहन लागत में कमी से वस्तुओं की कुल लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

खाली लौटने वाली मालगाड़ियों का होगा बेहतर उपयोग

भारतीय रेलवे के अनेक मार्गों पर मालगाड़ियां एक दिशा में माल लेकर जाती हैं और माल उतारने के बाद दूसरी दिशा में खाली लौटती हैं। अब इसी वापसी यात्रा में पात्र माल लदान को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा भी वर्तमान और संभावित माल ग्राहकों को इस योजना की जानकारी दी जा रही है तथा खाली लौटने वाली मालगाड़ियों में नए माल यातायात की संभावनाओं की पहचान की जा रही है।

यह पहल रेल संसाधनों के बेहतर उपयोग, माल ढुलाई की लागत में कमी, नए बाजारों तक उत्पादों की पहुंच और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरल शब्दों में कहें तो जो मालगाड़ी पहले वापसी में खाली लौटती थी, अब उसी यात्रा में पात्र माल को रियायती दर पर पहुंचाने का अवसर मिलेगा। इससे रेलवे के साथ-साथ माल ग्राहकों, व्यापारियों, उद्योगों और अंततः उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।