केके गुप्ता का विजन, स्वच्छता के बाद अब पर्यटन के शिखर पर पहुंचेगा डूंगरपुर; गैपसागर का लेजर शो बनेगा नई पहचान

 केके गुप्ता का विजन, स्वच्छता के बाद अब पर्यटन के शिखर पर पहुंचेगा डूंगरपुर; गैपसागर का लेजर शो बनेगा नई पहचान

- स्वच्छता की पहचान के बाद अब सुंदरता और पर्यटन से बदलेगी शहर की तस्वीर; 500 साल पुराने श्रीनाथजी मंदिर, ऐतिहासिक महलों और झीलों का खजाना बनेगा पर्यटकों का आकर्षण; गैपसागर की पाल पर पहली बार वाराणसी की तर्ज पर लेजर-ग्राफिक्स शो ने खोले पर्यटन के नए द्वार

डूंगरपुर। कभी अपनी स्वच्छता से देशभर में पहचान बनाने वाला डूंगरपुर अब अपनी खूबसूरती, ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक आकर्षणों के दम पर पर्यटन के नक्शे पर चमकने की तैयारी में है। शहर को स्वच्छता के बाद पर्यटन की नई पहचान दिलाने के इस प्रयास में नगर परिषद सभापति सुशीला गुप्ता की पहल और स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर एवं पूर्व सभापति केके गुप्ता की सोच को प्रमुखता से आगे बढ़ाया जा रहा है। सभापति सुशीला गुप्ता ने इस बार दीपावली पर पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाने के साथ ऐतिहासिक स्थलों और देवालयों को रोशनी से जगमगाने की पहल की, वहीं केके गुप्ता ने शहर की पुरानी विरासत, स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन से जोड़कर देशी-विदेशी पर्यटकों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। इसी सोच को एक नया आयाम देते हुए शहर के इतिहास में पहली बार गैपसागर की पाल पर वाराणसी की तर्ज पर लेजर एवं ग्राफिक्स शो का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन केवल दीपावली का आकर्षण नहीं, बल्कि डूंगरपुर को स्वच्छ नगरी से पर्यटन नगरी बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत के रूप में सामने आया है। शाम ढलते ही गैपसागर झील के पानी पर रोशनी की चमक, सामने ऐतिहासिक बादल महल पर लेजर लाइट का प्रदर्शन, झील के बीच विराजमान भगवान शिव की विशाल प्रतिमा और पहाड़ी पर उभरते ग्राफिक्स ने ऐसा नजारा पेश किया कि हजारों लोग इसे देखने के लिए गैपसागर की पाल पर उमड़ पड़े। गजानन, श्रीकृष्ण और भगवान नरसिंह के धार्मिक गीतों की धुन पर जब आधुनिक तकनीक से सजे दृश्य प्रदर्शित हुए तो पूरा वातावरण तालियों और जयकारों से गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई इस ऐतिहासिक नजारे को अपने कैमरे में कैद करता नजर आया। स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता और सभापति सुशीला गुप्ता भी परिवार के साथ इस आयोजन का आनंद लेने पहुंचे।

गैपसागर की पाल बनेगी पर्यटन का नया केंद्र, शाम को मिलेगा रोशनी का अनूठा अनुभव

डूंगरपुर की खूबसूरती का सबसे बड़ा प्रतीक गैपसागर झील है। चारों ओर पहाड़ियों और ऐतिहासिक इमारतों से घिरी यह झील वर्षों से शहर की पहचान रही है। झील के बीच भगवान शिव की विशाल प्रतिमा, किनारे स्थित बादल महल और आसपास की प्राकृतिक सुंदरता इसे खास बनाती है। अब लेजर एवं ग्राफिक्स शो ने इस खूबसूरती में आधुनिक आकर्षण भी जोड़ दिया है। वाराणसी की तर्ज पर हुए इस आयोजन की खासियत यह रही कि ऐतिहासिक बादल महल को लेजर लाइट के माध्यम से आकर्षक रूप दिया गया। झील के समीप पहाड़ी पर प्रदर्शित ग्राफिक्स और धार्मिक संगीत ने पूरे दृश्य को यादगार बना दिया। इस शो को प्रतिदिन आयोजित करने की योजना है, जिससे डूंगरपुर आने वाले पर्यटकों को शाम के समय भी एक विशेष आकर्षण मिल सकेगा। दिन में महलों, मंदिरों और पहाड़ियों का भ्रमण करने के बाद पर्यटक शाम को गैपसागर की पाल पर इस शो का आनंद ले सकेंगे।

500 साल पुराने श्रीनाथजी मंदिर से 52 देवालयों तक, आस्था का अनूठा संसार -

डूंगरपुर की पहचान केवल झीलों और महलों तक सीमित नहीं है। यहां की धार्मिक विरासत भी पर्यटकों के लिए बड़ा आकर्षण है। शहर का करीब 500 वर्ष पुराना श्रीनाथजी मंदिर अपनी भव्यता और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। राधा रानी के साथ स्थापित श्रीनाथजी की विशाल प्रतिमा और मंदिर परिसर में मौजूद 52 देवालय इसकी विशेष पहचान हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक एक ही परिसर में धार्मिक आस्था, प्राचीन स्थापत्य और सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव कर सकते हैं। गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह मंदिर आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन सकता है। मंदिर दर्शन के बाद गैपसागर झील और शहर के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण पर्यटकों की यात्रा को और खास बना सकता है। ये देश में श्रीनाथ जी सबसे बड़ी मूर्ति के रूप में भी विख्यात है।  

जूना महल, उदय विलास और बादल महल... हर इमारत में छिपा है इतिहास -

डूंगरपुर का इतिहास इसकी इमारतों और महलों में आज भी जीवंत है। जूना महल अपनी प्राचीन स्थापत्य शैली, कलात्मक दीवारों और ऐतिहासिक वैभव के लिए जाना जाता है। उदय विलास पैलेस अपनी शाही बनावट और राजसी परिवेश से पर्यटकों को आकर्षित करता है। वहीं गैपसागर के किनारे स्थित बादल महल शहर की पहचान का अहम हिस्सा है। इन ऐतिहासिक स्थलों को देखने के लिए इतिहास, वास्तुकला और फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले पर्यटकों के पास कई विकल्प हैं। यहां की पुरानी इमारतें तत्कालीन राजसी जीवनशैली और स्थापत्य कला की झलक दिखाती हैं।


पहाड़ियों, हरियाली और झीलों का संगम, प्रकृति प्रेमियों को भी आएगा पसंद -

डूंगरपुर की एक और खासियत इसकी प्राकृतिक बनावट है। पहाड़ियों के बीच बसा यह शहर प्रकृति प्रेमियों के लिए भी खास अनुभव समेटे हुए है। धनमता और फतेहगढ़ी पहाड़ी से शहर के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। बर्ड सेंच्युरी और बादल महल पार्क और आसपास के प्राकृतिक स्थल घूमने-फिरने के शौकीनों को आकर्षित कर सकते हैं। गैपसागर की शांत जलराशि, पहाड़ियों की हरियाली और ऐतिहासिक इमारतों का संगम शहर को दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग पहचान देता है। यहां परिवार के साथ घूमने, फोटोग्राफी करने और प्रकृति के बीच समय बिताने के कई अवसर हैं। पर्यटक एक ही यात्रा में धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।

गुजरात के पर्यटकों को आकर्षित करने की बड़ी संभावना -

स्वच्छता के ब्रांड एम्बेसडर केके गुप्ता ने बताया कि डूंगरपुर की भौगोलिक स्थिति भी पर्यटन के लिए अनुकूल है। गुजरात की सीमा से सटा होने के कारण यहां गुजरात के पर्यटकों को आकर्षित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। गुजरात के परिवारों के लिए डूंगरपुर धार्मिक यात्रा, ऐतिहासिक भ्रमण और प्राकृतिक पर्यटन का अच्छा विकल्प बन सकता है। खास बात यह है कि यहां पर्यटकों को अलग-अलग अनुभवों के लिए दूर-दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन, जूना महल और उदय विलास की ऐतिहासिक खूबसूरती, गैपसागर के किनारे सुकून और शाम को लेजर शो जैसे आकर्षण एक ही शहर में उपलब्ध हैं। यदि इन स्थलों को एक व्यवस्थित पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाए तो डूंगरपुर गुजरात और दक्षिणी राजस्थान के पर्यटकों के लिए प्रमुख वीकेंड डेस्टिनेशन बन सकता है।

2018-19 की स्वच्छता मुहिम से मिली पहचान, अब पर्यटन से जोड़ने की तैयारीव -

डूंगरपुर को स्वच्छता और सुंदरता के क्षेत्र में पहचान दिलाने के प्रयास पहले भी किए गए हैं। वर्ष 2018 और 2019 में तत्कालीन नगर परिषद नेतृत्व के दौरान शहर की स्वच्छता और ऐतिहासिक विरासत को प्रचारित करने के लिए विशेष प्रयास हुए थे। स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर एवं पूर्व सभापति केके गुप्ता का कहना है कि डूंगरपुर प्राचीन इमारतों, महलों, देवालयों, झीलों और पहाड़ियों से समृद्ध शहर है। इसकी खूबसूरती को देशी और विदेशी पर्यटकों तक पहुंचाने की जरूरत है। उनके अनुसार, शहर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और नगर परिषद की ओर से किए जा रहे प्रयासों से पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। वहीं सभापति सुशीला गुप्ता की पहल पर इस बार दीपावली के दौरान शहर के प्रमुख स्थलों और देवालयों को आकर्षक रोशनी से सजाया गया। गैपसागर पर लेजर शो का आयोजन इसी दिशा में एक नया आकर्षण है।